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हमारी टीम

मध्य प्रदेश में 30 वर्षों के सामुदायिक परिवर्तन के पीछे के समर्पित लोग

प्रदीपन के लोग

हमारी मुख्य टीम

प्रदीपन की शक्ति उसके लोगों में निहित है — 40 कर्मचारियों और 100+ स्वयंसेवकों की एक समर्पित टीम जो मध्य प्रदेश के 475+ गाँवों में सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और सतत विकास के लिए कार्यरत है।

रेखा गुजरे

रेखा गुजरे

संस्थापक एवं सचिव

प्रदीपन — बैतूल, मध्य प्रदेश

रेखा गुजरे मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के बोरगाँव गाँव की एक दलित महिला हैं। प्रदीपन की स्थापना से पहले उन्होंने 14 वर्षों (1981–1994) तक प्रतिष्ठित संगठनों — लहर (सरगुजा, छत्तीसगढ़), PIDIT (नई दिल्ली) और प्रेरणा भारती (मधुपुर, बिहार) — के साथ कार्य किया। इस काल में उनका कार्य असम, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, शहडोल और मध्य प्रदेश में आदिवासी अधिकारों, महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण पर केन्द्रित रहा।

1995 में साहभागी शिक्षण केंद्र, लखनऊ से माइंड फेलोशिप के समर्थन से उन्होंने बैतूल जिले में प्रदीपन की स्थापना की — एक स्पष्ट दृष्टि के साथ: आदिवासी, दलित और हाशिए के समुदायों के साथ एक न्यायपूर्ण, समतामूलक और सतत समाज बनाने के लिए कार्य करना।

तीन दशकों में, अथक परिश्रम, गहरी सामुदायिक संवेदनशीलता और अटूट नारीवादी दृष्टिकोण के माध्यम से उन्होंने प्रदीपन को मध्य प्रदेश के सबसे मान्यता प्राप्त जमीनी संगठनों में से एक के रूप में विकसित किया — 10 गाँवों से बढ़कर चार जिलों के 475+ गाँवों तक।

वे महिला अधिकारों, बाल संरक्षण, वन अधिकारों और सामुदायिक स्वशासन में अपने दीर्घकालिक योगदान के लिए मध्य प्रदेश की अग्रणी महिला संचालिका के रूप में व्यापक रूप से जानी जाती हैं।

मनोज कुमार

मनोज कुमार

वरिष्ठ समन्वयक – सहायक निदेशक

प्रदीपन — बैतूल, मध्य प्रदेश

मनोज कुमार एक अनुभवी विकास पेशेवर हैं जिनके पास मध्यप्रदेश में ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के साथ लगभग तीन दशकों का अनुभव है। वे वर्तमान में प्रदीपन में वरिष्ठ समन्वयक – सहायक निदेशक के रूप में कार्यरत हैं और संगठन के कार्यक्रमों के रणनीतिक प्रबंधन, परियोजना समन्वय तथा संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उनका कार्य मुख्यतः आदिवासी समुदायों के अधिकार, लैंगिक न्याय, बाल अधिकार, आजीविका सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और जलवायु न्याय जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर केन्द्रित रहा है। उन्होंने मध्यप्रदेश के ग्रामीण और वन-निवासी क्षेत्रों में समुदाय आधारित संगठनों को मजबूत करने, महिलाओं और युवाओं के नेतृत्व को बढ़ावा देने तथा समुदायों को सरकारी योजनाओं और अधिकारों से जोड़ने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

संस्थागत प्रबंधन के क्षेत्र में वे संगठन में फंड रेज़िंग, प्रपोज़ल लेखन, परियोजना प्रबंधन, प्रगति रिपोर्टिंग, दस्तावेज़ीकरण तथा दाता संस्थाओं के साथ समन्वय में सक्रिय योगदान देते हैं। इसके साथ ही वे संस्था के सोशल मीडिया संचालन और संगठनात्मक विकास को मजबूत करने में भी काम कर रहे हैं।

उनका मानना है कि समानता, न्याय और टिकाऊ विकास तभी संभव है जब समुदाय स्वयं परिवर्तन की प्रक्रिया में सक्रिय नेतृत्व करें।

जंगल सिंह परते

जंगल सिंह परते

परियोजना समन्वयक

प्रदीपन — बैतूल, मध्य प्रदेश

जंगल सिंह परते प्रदीपन संस्था में परियोजना समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं और आदिवासी समुदायों के अधिकारों, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने MSW, MA (समाजशास्त्र) और BA की डिग्री प्राप्त की है।

उनका अनुभव निम्न प्रमुख क्षेत्रों में रहा है:

  • पेसा अधिनियम (PESA) और ग्राम सभा सशक्तिकरण
  • वन अधिकार अधिनियम (FRA) के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक अधिकारों की प्रक्रिया में सहयोग
  • जल संरक्षण (Watershed) एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन
  • पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संरक्षण
  • जैविक कृषि और पारंपरिक बीजों (विशेषकर मिलेट्स) का संरक्षण
  • शिक्षा जागरूकता अभियान
  • समुदाय आधारित संगठन निर्माण और नेतृत्व विकास

हिंदी के साथ-साथ गोंडी और कोरकू भाषाओं का ज्ञान होने के कारण वे आदिवासी समुदायों के साथ गहराई से संवाद स्थापित कर पाते हैं।

कमलेश तायवाडे

कमलेश तायवाडे

लेखाकार

प्रदीपन — बैतूल, मध्य प्रदेश

कमलेश तायवाडे प्रदीपन संस्था की कोर टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं और संस्था में लेखाकार के रूप में कार्य करते हुए वित्तीय प्रबंधन, परियोजना लेखांकन तथा वित्तीय पारदर्शिता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से M.Com और MSW की डिग्री प्राप्त की है, साथ ही DCA (डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन) भी किया है।

प्रदीपन में वे संस्था की विभिन्न परियोजनाओं के बजट प्रबंधन, लेखा अभिलेख संधारण, वित्तीय रिपोर्टिंग, ऑडिट समन्वय तथा दाताओं की वित्तीय अनुपालन आवश्यकताओं को सुनिश्चित करते हैं। वे Tally ERP-9 तथा MS Office के उपयोग में दक्ष हैं।

उन्होंने CASA, The Nudge Foundation, Women's Fund Asia और Childline India Foundation की परियोजनाओं पर कार्य किया है। वर्तमान में वे KSCF (USA), AJWS (न्यूयॉर्क), अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन और सुजलॉन फाउंडेशन द्वारा समर्थित परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन का दायित्व निभा रहे हैं।

कुंवर लाल इवाने

कुंवर लाल इवाने

क्षेत्र समन्वयक

प्रदीपन — बैतूल, मध्य प्रदेश

कुंवरलाल इवने प्रदीपन संस्था के एक अत्यंत अनुभवी और समर्पित फील्ड समन्वयक हैं, जिन्हें ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के साथ दो दशकों से अधिक का अनुभव है। वर्ष 2000 में भारतीय सेना से सेवानिवृत्ति के बाद वे प्रदीपन से जुड़े।

उन्होंने अपने कार्यकाल की शुरुआत "बाल पर्यावरण, स्वच्छता एवं जल प्रदाय परियोजना (UNICEF)" से की। इसके बाद स्वशक्ति परियोजना में लगभग पाँच वर्षों तक क्लस्टर समन्वयक के रूप में महिला सशक्तिकरण और महिला समूहों के गठन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने CASA के सहयोग से संचालित “वीमेन पैकेज प्रोजेक्ट” में परियोजना समन्वयक के रूप में भीमपुर ब्लॉक के आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, FRA जागरूकता, ग्राम सभाओं की सक्रियता, CBO गठन और आजीविका से जुड़ाव पर कार्य किया। PHF परियोजना और PACS परियोजना के प्रथम चरण में भी परियोजना समन्वयक के रूप में सक्रिय रहे।

वर्तमान में वे आदिवासी समुदायों की आजीविका सुदृढ़ीकरण, पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार दावों (FRA Claims) तथा MGNREGA संबद्धता पर कार्यरत हैं। वे हिंदी, गोंडी और कोरकू में संवाद करते हैं। उनकी विशेषज्ञता समुदाय लामबंदी, फोटोग्राफी, दस्तावेज़ीकरण, वाटरशेड प्रबंधन और जैविक खेती में है।

चारुलता वर्मा

चारुलता वर्मा

क्लस्टर समन्वयक

प्रदीपन — बैतूल, मध्य प्रदेश

चारुलता वर्मा प्रदीपन संस्था में क्लस्टर समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं और बाल अधिकार संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और समुदाय आधारित विकास के मुद्दों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

उन्होंने बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से MSW और M.Com की डिग्री प्राप्त की है, साथ ही PGDCA भी किया है। सामाजिक क्षेत्र में आने से पहले उन्होंने एक निजी विद्यालय में लगभग एक वर्ष तक शिक्षिका के रूप में कार्य किया।

उनका कार्य मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों पर केन्द्रित है:

  • बाल अधिकार संरक्षण
  • बाल विवाह की रोकथाम
  • बाल श्रम उन्मूलन
  • मानव तस्करी के विरुद्ध कार्य
  • बाल यौन शोषण से सुरक्षा
  • महिला सशक्तिकरण एवं नेतृत्व विकास
  • समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान
  • जोखिमग्रस्त बच्चों को शिक्षा और सुरक्षा सेवाओं से जोड़ना

प्रदीपन संस्था में क्लस्टर समन्वयक के रूप में वे मैदानी टीमों के समन्वय, सामुदायिक कार्यक्रमों के संचालन, प्रशिक्षण और जागरूकता गतिविधियों के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

दीपमाला खटारकर

दीपमाला खटारकर

काउंसलर

प्रदीपन — बैतूल, मध्य प्रदेश

दीपमाला खटारकर एक अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता और परामर्शदाता हैं, जिन्होंने प्रदीपन के साथ 12 से अधिक वर्षों तक सामाजिक न्याय, महिला अधिकारों और बाल संरक्षण के क्षेत्र में समर्पित कार्य किया है। उनकी शैक्षणिक योग्यता: MSW, MA (अर्थशास्त्र), BA और PGDCA

उनके पेशेवर अनुभव में शामिल हैं:

  • DFID-समर्थित PACS कार्यक्रम — महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, दलित अधिकारों और घरेलू हिंसा की रोकथाम पर कार्य
  • CHILDLINE प्रोजेक्ट (2016–2023) — दलित बच्चों के अधिकारों, किशोर स्वास्थ्य और बाल सुरक्षा पर
  • वर्तमान में "एक्सेस टू जस्टिस – फेज 2" परियोजना के तहत काउंसलर के रूप में दलित और पिछड़े समुदायों के बच्चों को काउंसलिंग और कानूनी सहायता प्रदान करना

मान्यता: दलितों, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुलिस विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सम्मानित।

प्रशिक्षण: हमारा कानून – हमारा अधिकार (MARG, नई दिल्ली); मानव तस्करी पर राष्ट्रीय अनुसंधान (TISS, मुंबई); बाल संरक्षण प्रशिक्षण (WCD, बैतूल)।

वुमन फंड एशिया के तहत भूमि फेलो (2023–24), बैतूल जिले में लैंगिक समानता, दलित और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, कानूनी सहायता और सामुदायिक स्तर पर कानूनी जागरूकता में नेतृत्व।

पूनम अटुलकर

पूनम अटुलकर

क्लस्टर समन्वयक

प्रदीपन — बैतूल, मध्य प्रदेश

पूनम अटुलकर प्रदीपन संस्था में क्लस्टर समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं और पिछले चार वर्षों से सामाजिक विकास और बाल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने BSW (बैचलर ऑफ सोशल वर्क) की डिग्री प्राप्त की है।

उन्होंने चाइल्डलाइन परियोजना (2022–2023) में संकटग्रस्त बच्चों को संरक्षण सेवाओं से जोड़ने, आपातकालीन सहायता प्रदान करने तथा बाल अधिकारों से संबंधित मामलों में समन्वय का कार्य किया।

प्रदीपन में उनका कार्य निम्न मुद्दों पर केन्द्रित है:

  • बाल विवाह की रोकथाम
  • बाल श्रम उन्मूलन
  • मानव तस्करी के विरुद्ध जागरूकता और रोकथाम
  • बाल यौन शोषण से सुरक्षा
  • बाल अधिकार संरक्षण
  • महिला अधिकार सुरक्षा और सशक्तिकरण
  • पीड़ित महिलाओं और बच्चों को कानूनी सहायता एवं न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करना
  • समुदाय स्तर पर जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना
रंजिता कश्यप

रंजिता कश्यप

काउंसलर

प्रदीपन — बैतूल, मध्य प्रदेश

रंजिता कश्यप प्रदीपन संस्था में जिला छिंदवाड़ा में काउंसलर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने MSW (मास्टर ऑफ सोशल वर्क) की डिग्री प्राप्त की है। वे प्रदीपन के साथ पिछले 3 वर्षों से काउंसलिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं और असुरक्षित महिलाओं व बच्चों को न्याय और संरक्षण प्रणालियों तक पहुँच सुलभ करा रही हैं।

उनका कार्यक्षेत्र विशेष रूप से निम्न मुद्दों पर केन्द्रित है:

  • बाल विवाह की रोकथाम
  • बाल श्रम उन्मूलन
  • मानव तस्करी के विरुद्ध जागरूकता एवं सहायता
  • बाल यौन शोषण से संरक्षण
  • बाल अधिकार संरक्षण
  • महिला अधिकार सुरक्षा
  • पीड़ित महिलाओं और बच्चों को कानूनी सहायता एवं न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करना
  • संकटग्रस्त महिलाओं और बच्चों को मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counselling) प्रदान करना

प्रदीपन में कार्य करते हुए रंजिता कश्यप ने समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने, पीड़ितों को समर्थन सेवाओं से जोड़ने और स्थानीय संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हमारी ताकत

टीम एवं पहुँच

40

कुल कर्मचारी
(पुरुष: 27, महिला: 13)

100+

सामुदायिक स्वयंसेवक

475+

4 जिलों में गाँव

30+

वर्षों की सेवा

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